उत्तर प्रदेश सरकार के लिए किसानों का हित सर्वोपरि: मुख्यमंत्री योगी

उत्तर प्रदेश सरकार के लिए किसानों का हित सर्वोपरि: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ

धान खरीद को पूरी तेजी से संचालित करते हुए किसानों को एम०एस०पी० का लाभ सुनिश्चित कराने के निर्देश

धान क्रय केन्द्रों पर आवश्यकतानुसार अतिरिक्त काटों की व्यवस्था करते हुए अधिक से अधिक खरीद की जाए

कृषि उत्पादन आयुक्त द्वारा प्रतिदिन धान खरीद की समीक्षा की जाए

मण्डलायुक्त तथा जिलाधिकारी प्रत्येक जनपद में एक टीम गठित कर धान क्रय केन्द्रों का निरीक्षण करें

पी0एम0 कुसुम योजना के कार्यों में तेजी लाने के निर्देश

मण्डलायुक्त तथा जिलाधिकारी 50 लाख रु0 से अधिक लागत की विकास परियोजनाओं की समीक्षा एवं भौतिक सत्यापन करें

‘उ0प्र0 कामगार और श्रमिक (सेवायोजन एवं रोजगार) आयोग की संस्तुतियां तथा निर्णयों के क्रियान्वयन के सम्बन्ध में जिलाधिकारी द्वारा साप्ताहिक तथा मण्डलायुक्त द्वारा मासिक समीक्षा करते हुए प्रभावी कार्यवाही सुनिश्चित कराई जाए

जी0एस0टी0 के अन्तर्गत अधिक से अधिक रजिस्ट्रेशन कराए जाएं

लखनऊ: 04 जनवरी, 2021 मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने कहा है कि प्रदेश सरकार के लिए किसानों का हित सर्वोपरि है। इसके दृष्टिगत उन्होंने धान खरीद को पूरी तेजी से संचालित करते हुए किसानों को एम0एस0पी0 का लाभ सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि धान क्रय केन्द्रों पर आवश्यकतानुसार अतिरिक्त काटों की व्यवस्था करते हुए अधिक से अधिक खरीद की जाए। मुख्यमंत्री जी आज यहां अपने सरकारी आवास पर आहूत एक उच्चस्तरीय बैठक में विभिन्न विभागों के कार्यों की समीक्षा कर रहे थे। उन्होंने कहा है कि कृषि उत्पादन आयुक्त द्वारा प्रतिदिन धान खरीद की समीक्षा की जाए। समीक्षा में प्रत्येक क्रय एजेंसी की धान खरीद कार्यवाही की गहन माॅनिटरिंग की जाए।

उन्होंने मण्डलायुक्तों तथा जिलाधिकारियों को प्रत्येक जनपद में एक टीम गठित कर धान क्रय केन्द्रों का निरीक्षण करने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री जी ने कहा कि प्रदेश में ‘प्रधानमंत्री किसान ऊर्जा सुरक्षा एवं उत्थान महाभियान’ (पी0एम0 कुसुम योजना) संचालित किया जा रहा है। इस योजना के अन्तर्गत सोलर पम्पों की स्थापना की जा रही है। उन्होंने पी0एम0 कुसुम योजना के कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री जी ने कहा कि जनपदों में संचालित विकास परियोजनाओं को पूर्ण गुणवत्ता के साथ निर्धारित समय सीमा में पूरा किया जाए। उन्होंने मण्डलायुक्तों तथा जिलाधिकारियों को निर्देशित किया कि वे प्रत्येक जनपद में 50 लाख रुपये से अधिक लागत की विकास परियोजनाओं की समीक्षा एवं भौतिक सत्यापन करें।

मुख्यमंत्री जी ने कहा कि कामगारों तथा श्रमिकों की सामाजिक एवं आर्थिक सुरक्षा तथा उनके सर्वांगीण विकास के लिए ‘उत्तर प्रदेश कामगार और श्रमिक (सेवायोजन एवं रोजगार) आयोग’ गठित किया गया है। उन्होंने निर्देशित किया कि आयोग की संस्तुतियांे तथा निर्णयों के क्रियान्वयन के सम्बन्ध में जिलाधिकारी द्वारा साप्ताहिक तथा मण्डलायुक्त द्वारा मासिक समीक्षा करते हुए प्रभावी कार्यवाही सुनिश्चित कराई जाए। उन्होंने राज्य मुख्यालय स्तर पर भी इसी प्रकार नियमित रूप से समीक्षा किए जाने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री जी ने कहा कि प्रभावी प्रयास करते हुए जी0एस0टी0 राजस्व संग्रह में वृद्धि की जाए। जी0एस0टी0 के अन्तर्गत अधिक से अधिक रजिस्ट्रेशन कराए जाएं। उन्होंने राजस्व संग्रह के कार्य में तकनीक का व्यापक उपयोग किए जाने के निर्देश दिए है।

इस अवसर पर स्वास्थ्य मंत्री श्री जय प्रताप सिंह, मुख्य सचिव श्री आर0के0 तिवारी, अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास आयुक्त श्री आलोक टण्डन, कृषि उत्पादन आयुक्त श्री आलोक सिन्हा, अपर मुख्य सचिव गृह श्री अवनीश कुमार अवस्थी, पुलिस महानिदेशक श्री हितेश सी0 अवस्थी, अपर मुख्य सचिव मुख्यमंत्री श्री एस0पी0 गोयल, अपर मुख्य सचिव एम0एस0एम0ई0 एवं सूचना श्री नवनीत सहगल, अपर मुख्य सचिव वित्त श्री संजीव मित्तल, अपर मुख्य सचिव राजस्व श्रीमती रेणुका कुमार, अपर मुख्य सचिव स्वास्थ्य श्री अमित मोहन प्रसाद, अपर मुख्य सचिव चिकित्सा शिक्षा डाॅ0 रजनीश दुबे, अपर मुख्य सचिव कृषि श्री देवेश चतुर्वेदी, अपर मुख्य सचिव पंचायतीराज एवं ग्राम्य विकास श्री मनोज कुमार सिंह, प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री एवं सूचना श्री संजय प्रसाद, प्रमुख सचिव पशुपलान श्री भुवनेश कुमार, सचिव मुख्यमंत्री श्री आलोक कुमार, सूचना निदेशक श्री शिशिर सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

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