जालौन: क्षय रोग मरीजों के लिए इलाज और जांच की सुविधा बढ़ेगी : डॉ. सुग्रीव बाबू

चार स्वास्थ्य इकाइयों में ट्रूनेट मशीन लगीं, टीबी अस्पताल में हुई चिकित्साधिकारी की तैनाती

जालौन: 18 फरवरी 2021 : टीबी रोगियों के इलाज और जांच के लिए अब और ज्यादा सहूलियत होंगी। जिले में चार सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में ट्रूनेट मशीनें लगा दी गई है। इसके अलावा जिला मुख्यालय स्थित टीबी अस्पताल में एक नए चिकित्सा अधिकारी की तैनाती कर दी गई है। जिसकी वजह से लोगों को अब ज्यादा से ज्यादा सुविधा मिल सकेगी। चिकित्साधिकारी की तैनाती के लिए जिला क्षय रोग अधिकारी लंबे समय से प्रयास कर रहे थे। उनकी पहल पर चिकित्साधिकारी की अस्थाई तौर पर तैनाती कर दी गई है।

जालौन: क्षय रोग मरीजों के लिए इलाज और जांच की सुविधा बढ़ेगी : डॉ. सुग्रीव बाबू

जिला क्षय रोग अधिकारी डॉक्टर सुग्रीव बाबू ने बताया कि क्षय रोगियों के इलाज के लिए जांच के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र नदीगांव और कोंच में ट्रूनेट मशीन लगा दी गई है। इसके अलावा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जालौन व माधौगढ़ में भी ट्रूनेट मशीनें स्थापित है। अब तक जिले में कुल चार स्वास्थ्य इकाइयों में ट्रूनेट मशीनें लगाई गई है। इन स्वास्थ्य केंद्रों में रोजाना तीन से चार जांचें हो रही हैं। वहीं जिला मुख्यालय पर सीबी नाट मशीन से रोजाना 18 से 20 संभावित मरीजों की जांच की जाती है।

डीटीओ ने बताया कि अभी तक जिला मुख्यालय स्थित टीबी अस्पताल में वह ही प्रशासनिक और चिकित्सीय कार्य देख रहे थे। यहां रोजाना बीस से तीस मरीज ओपीडी में आते हैं। प्रशासनिक और चिकित्सीय काम निर्वहन में समस्या हो रही थी। उन्होंने इस मामले को जिला स्वास्थ्य समिति की बैठकों के साथ विभागीय आला अधिकारियों के सामने भी रखा था। अधिकारियों ने जल्द डाक्टर की तैनाती का आश्वासन भी दिया था। उनकी पहल के बाद प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र डकोर में तैनात चिकित्साधिकारी डाक्टर कौशल किशोर को अस्थाई रूप से तीन दिन के लिए क्षय रोग अस्पताल में मरीजों के इलाज के लिए तैनात किया गया है। वह सोमवार, मंगलवार और बुधवार को अस्पताल में बैठकर तीन दिन मरीजों को देखकर उनका इलाज सुनिश्चित करेंगे। डाक्टर कौशल किशोर ने काम भी संभाल लिया है। उन्होंने बताया कि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में जांच होने से मरीजों को जिला मुख्यालय तक नहीं आना पड़ेगा। वहीं एक अतिरिक्त चिकित्साधिकारी की तैनाती के चलते मरीजों को उनकी अनुपस्थिति में परेशान नहीं होना पड़ेगा।

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