जालौन: जिलाधिकारी डॉ. मन्नान अख्तर की अध्यक्षता में जिला उद्योग बन्धु समिति की बैठक विकास भवन सभागार में सम्पन्न हुई

जिलाधिकारी जालौन डा0 मन्नान अख्तर ने विभिन्न रोजगार योजनाओं एवं एक जनपद एक उत्पाद सहायता योजना के सम्बन्ध की समीक्षा बैठक


उरई/जालौन। जिलाधिकारी डा0 मन्नान अख्तर की अध्यक्षता में प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम, मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना व एक जनपद एक उत्पाद सहायता योजना के अन्तर्गत विकास भवन सभागार, उरई में समीक्षा बैठक आयोजित की गयी। जिसमें उपायुक्त उद्योग योगेश कामेश्वर द्वारा स्वरोजगारपरक योजनाओं की अद्यतन स्थिति से जिलाधिकारी को अवगत कराया गया। जैसे मुख्यमंत्री युवा स्वरोगार योजना में कुल 148 आवेदन पत्र बैंको को प्रेषित किये गये, जिसमें से मात्र 28 आवेदन पत्र बैंको द्वारा स्वीकृत किये गये है तथा 34 आवेदन पत्र निरस्त व 86 आवेदन पत्र बैंको में लम्बित पड़े है। इसी प्रकार प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम में कुल 260 प्रेषित आवेदन पत्रो के विरूद्व 40 आवेदन पत्र स्वीकृत तथा 151 निरस्त व 86 आवेदन पत्र बैंक स्तर पर लम्बित है। समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी के संज्ञान मे लाया गया कि अधिकांशत आवेदन पत्र भारतीय स्टेट बैंक, इण्डियन (इलाहाबाद) बैंक तथा बैंक ऑफ़ बड़ौदा की बैंक शाखाओं द्वारा या तो निरस्त कर दिये गये हैं या अभी तक उनके बैंक में ही लम्बित पड़े हैं। जिलाधिकारी ने बैंको द्वारा निरस्त किये गये आवेदन पत्रों में आवेदन पत्रो पर लगाये गये निरस्तीकरण कारणो पर विस्तार से चर्चा की तथा पाया कि बैंको द्वारा अधिकांश प्रकरणों में आधारहीन कारण लगाये गये है, जो किसी भी दशा में ऋण प्राप्त करने हेतु मना करने की श्रेणी में नही आते है। इसके अतिरिक्त जिन आवेदको के बैंको मेे आवेदन पत्र काफी समय पूर्व से लम्बित पड़े है, उन आवेदकों को बैठक में बुलाकर बैंक अधिकारियो व उनके बीच अधिकंाश प्रकरणों पर गहन चर्चा की गयी।

चर्चा के दौरान यह संज्ञान में आया कि अधिकांश प्रकरणो में बैंक द्वारा कोई रूचि नही ली गयी है, जिससे बेरोजगार युवको को शासन की मंशानुसार उद्योग स्थापित करने व स्वरोजगार सम्पन्न किये जाने हेतु बेहद कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है। बैंको में आवेदन पत्र चार-चार माह से लम्बित है, जिस पर जिलाधिकारी द्वारा असंतोष व्यक्त किया गया तथा बैंक अधिकारियो को कठोर चेतावनी देते हुये निर्देशित किया गया कि आगामी बैठक से पूर्व समस्त लम्बित ऋण पत्रावलियो पर नियमानुसार कार्यवाही करते हुये निस्तारण सुनिश्चित किया जाये। साथ ही यह भी निर्देशित किया गया कि किसी भी दशा में पत्रावली को बिना किसी ठोस कारण के निरस्त न किया जाये। बैंक अधिकारियो को सचेत किया गया कि बेरोजगारो को ऋण देने में सकारात्मक रवैया अपनाया जाये। आज की तिथि के पश्चात किसी भी बैंक अधिकारी द्वारा पोर्टल पर बिना किसी उपयुक्त कारण के पत्रावली को यदि निरस्त किया जाता है तो सम्बन्धित बैंक अधिकारी के विरूद्व कठोर दण्डात्मक कार्यवाही हेतु विवश होना पडे़गा। बैठक में जनपद की विभिन्न बैंको के जिला समन्वयक व इण्डियन बैंक के मुख्य प्रबन्धक, कानपुर तथा जिला अग्रणी प्रबन्धक के साथ-साथ डीडीएम नावार्ड भी उपस्थित रहे।

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