जालौन: उच्च जोखिम वाली गर्भवती हर माह की 9 तारीख पर कराए जांच, बैठक में गोल्डन कार्ड का लक्ष्य प्राप्त करने पर जालौन की सराहना : डॉ. वीके सिन्हा

उच्च जोखिम वाली गर्भवती हर माह की 9 तारीख पर कराए जांच,
बैठक में गोल्डन कार्ड का लक्ष्य प्राप्त करने पर जालौन की सराहना
जालौन, 18 दिसंबर 2020 अपर निदेशक कार्यालय सभागार में आज शुक्रवार को अपर निदेशक डॉ. वीके सिन्हा की अध्यक्षता में मंडलीय समीक्षा बैठक का आयोजन किया गया। जिसका संचालन सिफ्प्सा एनएचएम के मंडलीय परियोजना प्रबंधक आनंद चौबे के द्वारा किया गया।
बैठक में मंडलीय परियोजना प्रबंधक के द्वारा पीपीटी के माध्यम से जनपद में गत माह में राष्ट्रीय कार्यक्रम मुख्यत आयुष्मान भारत योजना, प्रजनन, महिला, नवजात शिशु, बाल एवं किशोर स्वास्थ्य कार्यक्रमों में किए गए कार्यों पर चर्चा की गयी। साथ ही पिछली मीटिंग में दिए गए दिशा निर्देशों पर चर्चा हुई।
आयुष्मान भारत योजना को लेकर प्रत्येक जिले को 2 हजार कार्ड बनाने का लक्ष्य दिया गया था जिसमें जालौन ने बेहतर प्रदर्शन किया है। झांसी और ललितपुर के लिए इस बार अपर निदेशक ने 5 हजार गोल्डन कार्ड बनाए जाने का लक्ष्य रखा है। वहीं उन्होंने निर्देश दिये कि अब जीरो वाले नहीं बल्कि ऐसे गांव को चिन्हित करिए जहां सिर्फ 5 परिवारों के गोल्डन कार्ड बने है। जिससे कि इन गांव में और कार्ड बनवा सके।
अपर निदेशक ने अब आरबीएसके टीम के द्वारा ज्यादा से ज्यादा बच्चों के चिन्हिकरण के लिए निर्देश दिये गए। प्रथम संदर्भन इकाईयों (एफआरयू) की क्रियाशीलता सुनिश्चित करने के लिए अपर निदेशक ने निर्देश दिए कि जहां भी मानव संसाधन की कमी है, उनकी नियुक्ति कर ले। उपलब्ध संसाधनों को रिलोकेट करके इकाइयों को जरूर संचालित किया जाए,खासकर मऊरानीपुर और बबीना में सिजेरियन प्रसव न होने पर उन्होने सुधार के लिए यह निर्देश दिए। उन्होने कहा कि जो उच्च जोखिम वाले प्रसव (एचआरपी) है उनकी संख्या का अनुमान लगाले, यदि उतने प्रसव केंद्रों पर नहीं हो रहे है, इसका मतलब वह निजी अस्पतालों में हो रहे है। ऐसे में जनता को वित्तीय बोझ से बचाने के लिए एचआरपी की सूची पहले से ही तैयार कर ले।
वही एचआरपी महिलाओं को चिन्हित कर उनको हर माह की 9 तारीख को प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व दिवस पर केंद्र लाकर उनकी जांच कराए।
संयुक्त निदेशक डॉ रेखा रानी ने गर्भवती महिलाओं के मामले में कहा कि गर्भवतियों की मॉनिट्रिंग प्रसव पूर्व जांच स्तर पर हो जिससे कि उन्हे सही समय पर उचित मदद दी जा सके। आगामी 21 को खुशहाल परिवार दिवस का आयोजन है, इसके लिए निर्देश दिए कि खुशहाल परिवार दिवस को भी पीएमएसएमए दिवस की तर्ज पर ही संचालित किया जाए।
अपर निदेशक ने अपने स्तर से निर्देश दिये कि शिकायतों का निराकरण समय से हो, जो सूचनाएं मांगी जाती है उनको समय से उपलब्ध कराया जाए। मंडलीय परियोजना प्रबंधक ने संचालन के साथ वित्तीय खर्चों की मदवार समीक्षा की। डीपीएम ने सुझाव दिया कि 31 मार्च तक सभी मदों में खर्चे हो इसकी कार्ययोजना तैयार कर ली जाए और उसकी अपने स्तर पर साप्ताहिक समीक्षा की जाए। वही मंडल क्वालिटी एश्योरेंस के सलाहकर डॉ राजेश ने राष्ट्रीय क्वालिटी एश्योरेंस के लिए चयनित इकाइयों की तैयारी के लिए चिन्हित गैप पर चर्चा की। ईएमईएनडी ऑफिसर अतीब खान ने मंडल में संचालित सभी पोर्टल की समीक्षा की। बैठक में सीएफएआर की मंडल समन्वयक सोनम राठौर ने मंडल स्तर पर आईईसी के स्तर पर किए जा रहे कार्यों पर चर्चा की। साथ ही अधिकारियों से क्षेत्र संबंधी सफलता की कहानियों के प्रस्ताव मांगे। बैठक में सभी जनपद के मुख्य चिकित्सा अधिकारी, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक, संयुक्त निदेशक डॉ जीके गुप्ता सहित डीपीएमयू यूनिट के सदस्य उपस्थित रहे।

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