साढ़े चार साल की मासूम ने बगैर सहरी के रखा पहला रोजा
जगम्मनपुर ,जालौन । अपने अल्लाह के प्रति इबादत का जुनून उम्र की बंदिशों में नहीं रहता इसका जीता जाता होगा उदाहरण यह है कि साढ़े चार साल की मासूम बच्ची फलक पुत्री आमिर निवासी जगम्मनपुर ने अपने जीवन का पहला रोजा बगैर सहरी के जुमा के दिन रखा। मासूम बच्ची फलक के इवादती जज्बे को देख बड़े-बड़े ने दांतों तले उंगली दबा ली ।